अभिमनोज
सुप्रीम कोर्ट ने शादी का झांसा देकर एक महिला से बार-बार संबंध बनाने के आरोपित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज कर दिया.
खबरों की मानें तो…. जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ का कहना है कि- सहमति से बने जोड़े के बीच रिश्ता टूटने पर आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं हो सकती है, शुरुआती दौर में दोनों पक्षों के बीच सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक नहीं कहा जा सकता, जब तक वह रिश्ता वैवाहिक रिश्ते में नहीं बदल जाता है.
उल्लेखनीय है कि…. ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जब आपसी रजामंदी से रिश्ते तो बन जाते हैं, लेकिन बाद में विवाद होने पर इन्हें कुछ और ही करार दिया जाता है.
ऐसे मामलों के लिए यह नजरिया सतर्कता का संदेश है!